SMCT केवल एक मंच नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक सूत्र में पिरोने वाला सशक्त परिवार है। इसकी पहचान पद, पेशा या परिस्थिति से नहीं, बल्कि सेवा भाव, समर्पण और सहयोग की साझा भावना से होती है।
इस संगठन में विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, निजी क्षेत्र के कर्मचारी, व्यापारी, युवा साथी और गृहिणियां – सभी समान भाव से जुड़े हैं। हर सदस्य अपने अनुभव और दृष्टिकोण से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करता है।
विशेष रूप से हमारे सहयोगी मित्रों और साथियों की भागीदारी इस मंच को गरिमा और विश्वसनीयता प्रदान करती है। अनुसाशन और सामाजिक दायित्व की भावना SMCT को एक प्रेरणादायक संगठन बनाती है।
यह संगठन इस बात का प्रमाण है कि जब विविध सोच, अलग-अलग अनुभव और विभिन्न क्षेत्रों के लोग एक साथ जुड़ते हैं, तो वह समूह केवल संगठन नहीं रहता, बल्कि एक प्रेरणा बन जाता है।
एक लक्ष्य, एक परिवार
आइए, हम सब मिलकर इस प्रयास, अनुशासन और सेवा की यात्रा को और सशक्त बनाएं। सहयोगी मित्र परिवार का हिस्सा बनें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन का भाग बनें।
सहयोगी मित्र चेरिटेबल ट्रस्ट रजि0 से जुड़े सहयोगी मित्र सदस्यों के सहयोग से भविष्य में बड़े शहरों में सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल का निर्माण और टेली मेडिसिन के माध्यम से पूरे भारत वर्ष के सभी राज्यों के सहयोगी मित्र सदस्यों को ओपीडी में एमडी ,एम एस ,एमबीबीएस, बीएएमएस (आयुर्वेद), योग्य डॉक्टर्स की टीम द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा सलाह व् पैथोलॉजी जांच , दवाईयां आदि न्यूनतम दर सामान्यतः (लागत दर )पर इलाज मुहैया कराना है ,जिससे सहयोगी मित्र सदस्यों को अपने व अपने परिवार की स्वास्थ्य के देखभाल की चिंताओं और उसके बीमारी में होने वाले महंगे इलाज के खर्चे से मुक्ति मिलेगी।
सहयोगी मित्र सदस्य अथवा किसी भी व्यक्ति, परिवार अथवा समुदाय को गंभीर बीमारी, आकस्मिक दुर्घटना, शल्यक्रिया या अन्य आपातकालीन स्वास्थ्य परिस्थितियों में आर्थिक सहायता प्रदान करना है। यह सहायता उपचार, अस्पताल व्यय, दवाइयों और अन्य चिकित्सा आवश्यकताओं में मदद करेगी ।
समाज के जरूरतमंद व्यक्तियों को स्वास्थ्य उपचार, चिकित्सा परीक्षण, दवाइयों, शल्यक्रिया और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं हेतु सहायता प्रदान करना। इससे समय पर इलाज सुनिश्चित होगा, गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में राहत मिलेगी और समाज में स्वास्थ्य-सुरक्षा की भावना बढ़ेगी।
जिससे प्रभावित परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस कर सके और जीवन की कठिनाइयों का सामना सम्मानपूर्वक कर सके।
किसी सदस्य या व्यक्ति के आकस्मिक निधन की स्थिति में उसके आश्रित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करना। इस सहायता के माध्यम से अंतिम संस्कार, पारिवारिक आवश्यकताएँ और बच्चों की देखभाल, शिक्षा तथा परिवार का दैनिक जीवन सुचारु रूप से चलाने में सहयोग मिलेगा। इसका उद्देश्य परिवार को कठिन परिस्थितियों में मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संबल प्रदान करना है।
आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना। यह सहायता विवाह से संबंधित खर्चों में सहयोग करेगी और परिवार को सामाजिक एवं नैतिक समर्थन उपलब्ध कराएगी, जिससे समाज में समानता, गरिमा और सम्मान का माहौल बना रहे।
जरूरतमंद परिवारों के सुरक्षित, स्थायी और सम्मानजनक आवास निर्माण, मकान मरम्मत या भू-खण्ड क्रय हेतु आर्थिक सहायता प्रदान करना। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार को सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन सुनिश्चित करना है और समाज में जीवन स्तर में सुधार करना है।
मेधावी बच्चों तथा विद्यार्थियों को शिक्षा में सहायता प्रदान करना। इसमें विद्यालय शुल्क, पुस्तकें, यूनिफॉर्म, स्टेशनरी, छात्रावास शुल्क एवं अन्य शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति शामिल है। इसका उद्देश्य किसी भी बच्चे का भविष्य बाधित न होना और शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना है।
छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, कारीगरों और स्वरोजगार से जुड़े व्यक्तियों को चोरी, अग्निकांड, प्राकृतिक आपदा या अन्य आकस्मिक घटनाओं से हुई आर्थिक क्षति की स्थिति में सहयोग प्रदान करना। यह सहायता उन्हें पुनः व्यवसाय स्थापित करने और आर्थिक सुरक्षा प्राप्त करने में मदद करेगी।
समाजसेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, कला, संस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और मानव सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित और प्रोत्साहित करना। इसका उद्देश्य समाज में योगदान देने की प्रेरणा बढ़ाना, सदस्यों और जनता का उत्साह बढ़ाना और उत्कृष्टता को पहचानना है।
समाज के जरूरतमंद, असहाय और संकटग्रस्त परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना। इसका उद्देश्य जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना आसान बनाना, परिवार के भरण-पोषण में सहारा देना और समाज में सहानुभूति तथा सहयोग की भावना को मजबूत करना है।
छात्रवृत्ति, शैक्षिक अनुदान और मार्गदर्शन के माध्यम से गरीब और मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त करने के अवसर प्रदान करना। इसका उद्देश्य उनका भविष्य सुरक्षित, स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना है।
बाढ़, सूखा, महामारी, आगजनी, भूकंप या अन्य प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं की स्थिति में प्रभावित सदस्यों और परिवारों को राहत, पुनर्वास और आर्थिक सहायता प्रदान करना। इससे वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकेंगे और कठिन परिस्थितियों में सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के उद्देश्य से उन्हें स्वरोजगार, कौशल विकास, प्रशिक्षण, लघु उद्योग स्थापना और आर्थिक सहायता प्रदान करना। इससे महिलाएं सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकेंगी और समाज में सशक्त योगदान दे सकेंगी।
वृद्ध और वरिष्ठ नागरिकों को सम्मान, देखभाल, स्वास्थ्य सहायता, सामाजिक सुरक्षा और आवश्यक सहयोग प्रदान करना। इसका उद्देश्य उनके जीवन को गरिमापूर्ण, सुरक्षित और सुखमय बनाना है, जिससे वे समाज में सक्रिय और सम्मानित महसूस कर सकें।
दिव्यांग व्यक्तियों को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, सहायक उपकरण, पुनर्वास और आर्थिक सहायता प्रदान करना। इसका उद्देश्य उन्हें समाज में आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन यापन योग्य बनाना है।
बच्चों और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं, करियर मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, परामर्श और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना। इससे उनके भविष्य के अवसर सुरक्षित होंगे और उन्हें अपने लक्ष्यों तक पहुँचने में मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, नेत्र परीक्षण, योग, मानसिक स्वास्थ्य और जन-स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करना। इसका उद्देश्य समाज और सदस्यों दोनों को लाभ पहुंचाना और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता बढ़ाना है।
समाज में स्वच्छता, साफ-सफाई, स्वच्छ पेयजल, कचरा प्रबंधन और सुरक्षित पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना। इसके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली सुनिश्चित होगी, रोगों से बचाव होगा और समुदाय में स्वच्छता एवं सामाजिक जिम्मेदारी की भावना मजबूत होगी।
पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा हेतु जनभागीदारी और सामूहिक प्रयासों को प्रोत्साहित करना। यह कार्यक्रम प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देगा, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सतत विकास सुनिश्चित करेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित पर्यावरण तैयार करेगा।
असहाय ,बेसहारा जानवरों, पशु पक्षियों आदि के लिए भोजन ,चारे ,भूसा दाना ,पानी ,गौशाला आदि का प्रबन्ध करना और उनके पुर्नवास के लिए सार्थक पहल और जन जागरूकता कार्यक्रमों में आयोजित करना ।
नशा मुक्ति, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन-जागरूकता, परामर्श और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करना। इसका उद्देश्य समाज को संवेदनशील बनाना और स्वस्थ सामाजिक वातावरण सुनिश्चित करना है।
बाल अधिकारों की सुरक्षा, बाल श्रम और बाल विवाह की रोकथाम हेतु शिक्षा, जागरूकता और सामाजिक सहयोग प्रदान करना। इसके माध्यम से बच्चों के अधिकार संरक्षित होंगे, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी और उन्हें एक सुरक्षित, सम्मानजनक और उज्ज्वल भविष्य प्रदान किया जाएगा।
ग्रामीण विकास, सामाजिक समरसता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु सामुदायिक विकास योजनाओं का संचालन करना। इसके माध्यम से गांव और शहरों में समान अवसर, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सहयोग की भावना को मजबूत किया जाएगा।
आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सामग्री, वस्त्र, कंबल और अन्य आवश्यक जीवनोपयोगी वस्तुएँ उपलब्ध कराना। इसका उद्देश्य जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करना, परिवारों को सुरक्षित बनाना और उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार लाना है।
खेल, योग और शारीरिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों, युवाओं और समाज के स्वास्थ्य और विकास को प्रोत्साहित करना। इससे मानसिक, शारीरिक और सामाजिक स्वास्थ्य में सुधार होगा और समाज में टीम भावना व नेतृत्व कौशल विकसित होगा।
शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता से संबंधित सेमिनार, कार्यशालाएँ और प्रशिक्षण शिविर आयोजित करना। इससे सदस्यों और समाज को आवश्यक ज्ञान और कौशल प्राप्त होंगे और उन्हें जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में मदद मिलेगी।
डिजिटल शिक्षा, कंप्यूटर साक्षरता और तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देने हेतु प्रशिक्षण, ऑनलाइन और ऑफलाइन संसाधन उपलब्ध कराना। इसका उद्देश्य युवाओं और समाज के अन्य वर्गों की डिजिटल क्षमता और रोजगार संभावनाओं को बढ़ाना है।
सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित कर एकता और सामाजिक सहभागिता को प्रोत्साहित करना। इसका उद्देश्य समाज में सौहार्द और सहयोग की भावना को मजबूत करना और विभिन्न देश हित के मुद्दों में आपसी समझ विकसित करना है।
रोजगार, स्वरोजगार और उद्यमिता विकास हेतु प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग प्रदान करना। इसका उद्देश्य समाज के युवाओं, महिलाओं और गरीब वर्ग की आजीविका सुरक्षित करना और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।
समाज को कानूनी अधिकारों, सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों के प्रति जागरूक करना। इसके माध्यम से सदस्य और समाज अपने अधिकारों का सुरक्षित और प्रभावी उपयोग कर सकेंगे।
आपदा प्रबंधन, राहत और पुनर्वास कार्यों में सक्रिय सहभागिता प्रदान करना। इससे आपदा के समय प्रभावित व्यक्तियों और परिवारों को त्वरित सहायता मिलेगी और समुदाय में सहयोग की भावना मजबूत होगी।
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और कौशल विकास से संबंधित समाजोपयोगी परियोजनाओं का संचालन करना। इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों का सतत विकास सुनिश्चित करना और सामाजिक और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देना है।
महिला और बाल स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और जीवन स्तर सुधार से संबंधित कार्यक्रमों में सदस्य और उनके परिवार की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना। इससे स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार होगा और समाज में सशक्त महिला एवं बाल समुदाय तैयार होगा।
समाज के कमजोर वर्गों की आजीविका सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता हेतु सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करना। इसका उद्देश्य उनकी आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ाना और समाज में सहभागिता सुनिश्चित करना है।
समाजहित में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को पुरस्कार और सम्मान प्रदान करना। इससे योगदान और उत्कृष्टता को पहचानने और बढ़ावा देने में मदद मिलेगी और समाज में प्रेरणा का वातावरण बनेगा।
युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ना। इससे उनकी सामाजिक और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और समाज में सकारात्मक योगदान बढ़ेगा।
मानव सेवा और समाज सेवा में उल्लेखनीय योगदान करने वाले सदस्यों को सम्मानित करना। इससे सेवा भाव और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा मिलेगा और समाज में योगदान करने की प्रेरणा मजबूत होगी।
आकस्मिक परिस्थितियों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करना। इससे जीवन सुरक्षा, सामाजिक संतुलन और परिवार की गरिमा सुनिश्चित होगी।
बच्चों और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर मार्गदर्शन हेतु प्रशिक्षण, अध्ययन सामग्री और परामर्श उपलब्ध कराना। इससे उनके भविष्य की संभावनाएँ सुरक्षित होंगी और वे आत्मनिर्भर बनेंगे।
शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक उत्थान हेतु सामुदायिक परियोजनाओं का संचालन करना। इससे सामूहिक सहयोग और विकास सुनिश्चित होगा और समाज में समान अवसर बढ़ेंगे।
सदस्य की व्यवसायिक और सामाजिक गतिविधियों में मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान करना। इससे सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी और स्थायित्व बढ़ेगा।
बच्चों और युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार सृजन कार्यक्रम संचालित करना। इससे उनकी आत्मनिर्भरता और जीवन स्तर में सुधार होगा।
परिवारों के स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा हेतु जनहितकारी गतिविधियों में सहयोग प्रदान करना। इससे जीवन की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक वस्तुएँ, प्रशिक्षण और सामाजिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराना। इससे सदस्य परिवार की जीवनशैली में सुधार और स्थायित्व आएगा।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के जीवन स्तर में सुधार हेतु योजनाओं का संचालन और सहायता प्रदान करना। इससे समाज में समान अवसर और जीवन स्तर में सुधार सुनिश्चित होगा।
बच्चों और युवाओं के समग्र विकास हेतु शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, संस्कार और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देना। इससे संतुलित और सशक्त पीढ़ी तैयार होगी।
ट्रस्ट अपने उद्देश्यों की पूर्ति हेतु प्राप्त दान, अनुदान और सहयोगी मित्र सदस्यों के आर्थिक सहयोग का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता के साथ सहयोगी मित्र सदस्यों ,व्यक्तियों के कल्याण हेतु करेगा। इससे समाज में भरोसा, पारदर्शिता और सहयोग की भावना मजबूत होगी।